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Physics (SSC, Railway, Police & All State exam)Chapter Unit

विद्युत (Electricity)

विद्युत का परिचय:

विद्युत वह ऊर्जा का रूप है जो विद्युत आवेश (Electric Charge) के प्रवाह से उत्पन्न होती है। यह ऊर्जा का एक बहुत महत्वपूर्ण रूप है जो न केवल हमारे दैनिक जीवन में, बल्कि उद्योग, विज्ञान, और प्रौद्योगिकी में भी उपयोग होती है।


विद्युत आवेश (Electric Charge):

परिभाषा:

विद्युत आवेश वह गुण है जिसके कारण कणों पर विद्युत बल लगता है। विद्युत आवेश दो प्रकार के होते हैं:

  1. धनात्मक आवेश (Positive Charge):
    • जो वस्तुएं या कण धनात्मक आवेशित होती हैं, वे समान आवेशों से प्रतिकर्षित होती हैं और विपरीत आवेशों से आकर्षित होती हैं।
  2. ऋणात्मक आवेश (Negative Charge):
    • जो वस्तुएं या कण ऋणात्मक आवेशित होती हैं, वे समान आवेशों से प्रतिकर्षित होती हैं और विपरीत आवेशों से आकर्षित होती हैं।
आवेश की माप:
  • SI इकाई: कूलॉम्ब (( C ))।
आवेश का संरक्षण:
  • विद्युत आवेश का संरक्षण होता है, अर्थात किसी भी विद्युत परिघटना में कुल आवेश का कोई नुकसान नहीं होता।

विद्युत धारा (Electric Current):

परिभाषा:

विद्युत धारा वह दर है, जिस पर विद्युत आवेश किसी चालक के माध्यम से प्रवाहित होते हैं।

विद्युत धारा का सूत्र:

[ I = \frac{Q}{t} ] जहाँ:

  • ( I ): विद्युत धारा (Ampere)
  • ( Q ): आवेश (Coulomb)
  • ( t ): समय (Second)
SI इकाई:
  • विद्युत धारा की SI इकाई ऐम्पीयर (( A )) है।
विद्युत धारा के प्रकार:
  1. स्थिर धारा (Direct Current - DC):

    • जिसमें धारा एक ही दिशा में बहती है।
    • उदाहरण: बैटरियाँ।
  2. वैकल्पिक धारा (Alternating Current - AC):

    • जिसमें धारा समय के साथ दिशा बदलती है।
    • उदाहरण: घरेलू बिजली आपूर्ति।

ओम का नियम (Ohm's Law):

परिभाषा:

ओम का नियम कहता है कि किसी चालक में बहने वाली विद्युत धारा, उस चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर (Voltage) के समानुपाती होती है, और प्रतिरोध (Resistance) के प्रति व्युत्क्रमानुपाती होती है।

ओम का नियम का सूत्र:

[ V = I \cdot R ] जहाँ:

  • ( V ): विभवांतर (Voltage) (Volts)
  • ( I ): विद्युत धारा (Current) (Amperes)
  • ( R ): प्रतिरोध (Resistance) (Ohms)
SI इकाई:
  • विभवांतर: वोल्ट (( V ))
  • प्रतिरोध: ओम (( \Omega ))

विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance):

परिभाषा:

प्रतिरोध वह गुण है जो किसी पदार्थ के माध्यम से विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है। अधिक प्रतिरोध वाले पदार्थ धारा को अधिक रोकते हैं।

प्रतिरोध का सूत्र:

[ R = \rho \cdot \frac{L}{A} ] जहाँ:

  • ( R ): प्रतिरोध (Resistance)
  • ( \rho ): प्रतिरोधकता (Resistivity)
  • ( L ): चालक की लंबाई (Length)
  • ( A ): चालक का क्रॉस-सेक्शनल क्षेत्रफल (Area)
कारक जो प्रतिरोध को प्रभावित करते हैं:
  1. चालक की सामग्री: विभिन्न सामग्रियों के प्रतिरोधकता अलग-अलग होती है।
  2. लंबाई और क्षेत्रफल: लंबाई बढ़ने से प्रतिरोध बढ़ता है, और क्षेत्रफल बढ़ने से प्रतिरोध घटता है।

विद्युत ऊर्जा और शक्ति (Electrical Energy and Power):

  1. विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy):

    • ऊर्जा वह शक्ति है जो विद्युत धारा के प्रवाह के कारण उत्पन्न होती है।
    • सूत्र: [ E = V \cdot I \cdot t ] जहाँ:
      • ( E ): ऊर्जा (Joule)
      • ( V ): विभवांतर (Voltage)
      • ( I ): विद्युत धारा (Current)
      • ( t ): समय (Time)
  2. विद्युत शक्ति (Electrical Power):

    • शक्ति वह दर है, जिस पर ऊर्जा का स्थानांतरण होता है।
    • सूत्र: [ P = V \cdot I ] जहाँ:
      • ( P ): शक्ति (Power) (Watt)
      • ( V ): विभवांतर (Voltage)
      • ( I ): विद्युत धारा (Current)

विद्युत के उपयोग:

  1. घरेलू उपयोग:

    • बल्ब, पंखे, और रेफ्रिजरेटर जैसे उपकरणों में।
  2. औद्योगिक उपयोग:

    • मोटर, मशीनरी, और उपकरणों में।
  3. संचार:

    • रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, और मोबाइल संचार में।
  4. परिवहन:

    • इलेक्ट्रिक वाहन और ट्रेनें।

विद्युत परिपथ (Electric Circuit):

परिभाषा:
  • विद्युत परिपथ एक ऐसा मार्ग है जिससे विद्युत धारा प्रवाहित होती है। इसे बैटरी, प्रतिरोध, तार और स्विच जैसे घटकों से बनाया जाता है।
परिपथ के प्रकार:
  1. श्रृंखला परिपथ (Series Circuit):

    • सभी घटक एक के बाद एक जुड़े होते हैं।
    • धारा (II) सभी घटकों में समान होती है।
    • समतुल्य प्रतिरोध: Req=R1+R2+R3+R_{\text{eq}} = R_1 + R_2 + R_3 + \dots
  2. समानांतर परिपथ (Parallel Circuit):

    • सभी घटक समानांतर रूप से जुड़े होते हैं।
    • विभवांतर (VV) सभी शाखाओं में समान होता है।
    • समतुल्य प्रतिरोध: 1Req=1R1+1R2+1R3+\frac{1}{R_{\text{eq}}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3} + \dots

किरचॉफ के नियम (Kirchhoff's Laws):

  1. विभव नियम (Kirchhoff's Voltage Law - KVL):

    • किसी बंद लूप में, सभी विभवांतरों का योग शून्य होता है।
    V=0\sum V = 0
  2. धारा नियम (Kirchhoff's Current Law - KCL):

    • किसी भी संगम बिंदु पर, आने वाली और जाने वाली धाराओं का योग शून्य होता है।
    Iin=Iout\sum I_{\text{in}} = \sum I_{\text{out}}

विद्युत धारिता (Capacitance):

परिभाषा:
  • विद्युत धारिता वह गुण है जो किसी संधारित्र (Capacitor) को विद्युत आवेश संचित करने की अनुमति देता है।
सूत्र:
C=QVC = \frac{Q}{V}
  • CC: धारिता (Farad)
  • QQ: संचित आवेश (Coulomb)
  • VV: विभवांतर (Volt)
समानांतर प्लेट संधारित्र:
C=ϵAdC = \epsilon \cdot \frac{A}{d}
  • ϵ\epsilon: माध्यम की डायइलेक्ट्रिक स्थिरांक
  • AA: प्लेट का क्षेत्रफल
  • dd: प्लेटों के बीच की दूरी
संधारित्र के संयोजन:
  1. श्रृंखला में:

    1Ceq=1C1+1C2+\frac{1}{C_{\text{eq}}} = \frac{1}{C_1} + \frac{1}{C_2} + \dots
  2. समानांतर में:

    Ceq=C1+C2+C_{\text{eq}} = C_1 + C_2 + \dots

विद्युत चुंबकत्व (Electromagnetism):

विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction):
  • जब किसी चालक को चुंबकीय क्षेत्र में गति दी जाती है, तो उसमें प्रेरित धारा उत्पन्न होती है।
फैराडे का नियम (Faraday's Laws of Electromagnetic Induction):
  1. प्रेरित विभवांतर चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के समानुपाती होता है।

    e=dΦdte = -\frac{d\Phi}{dt}
    • Φ\Phi: चुंबकीय फ्लक्स
  2. Φ=BAcosθ\Phi = B \cdot A \cdot \cos\theta:

    • BB: चुंबकीय क्षेत्र (Tesla)
    • AA: क्षेत्रफल
    • θ\theta: कोण
लेन्ज़ का नियम (Lenz's Law):
  • प्रेरित धारा का दिशा इस प्रकार होती है कि वह उस कारण का विरोध करती है जिसने उसे उत्पन्न किया।

विद्युत उपकरण:

  1. ट्रांसफार्मर:

    • AC वोल्टेज को बढ़ाने या घटाने के लिए उपयोगी।
    • वोल्टेज अनुपात: V2V1=N2N1\frac{V_2}{V_1} = \frac{N_2}{N_1}
  2. विद्युत मोटर:

    • विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने के लिए।
    • उपयोग: पंखे, वाशिंग मशीन।
  3. जेनरेटर:

    • यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने के लिए।
    • उपयोग: पावर प्लांट।

विद्युत शक्ति और ऊर्जा:

विद्युत शक्ति:
P=VIP = V \cdot I
  • PP: शक्ति (Watt)
विद्युत ऊर्जा:
E=Pt=VItE = P \cdot t = V \cdot I \cdot t
  • EE: ऊर्जा (Joule)

विद्युत के दैनिक जीवन में उपयोग:

  1. घरेलू उपकरण:
    • बल्ब, पंखे, रेफ्रिजरेटर।
  2. औद्योगिक उपयोग:
    • मोटर, मशीनरी, वेल्डिंग।
  3. परिवहन:
    • विद्युत चालित वाहन।
  4. संचार:
    • मोबाइल, रेडियो, इंटरनेट।

विद्युत के प्रमुख सूत्र और सारांश:

विषयसूत्रSI इकाई
विद्युत धाराI=QtI = \frac{Q}{t}ऐम्पीयर (AA)
ओम का नियमV=IRV = I \cdot Rवोल्ट (VV)
विद्युत शक्तिP=VIP = V \cdot Iवाट (WW)
ऊर्जाE=VItE = V \cdot I \cdot tजूल (JJ)
प्रतिरोधR=ρLAR = \rho \cdot \frac{L}{A}ओम (Ω\Omega)
प्रेरित विभवांतरe=dΦdte = -\frac{d\Phi}{dt}वोल्ट (VV)

निष्कर्ष:

विद्युत ऊर्जा और इससे संबंधित घटनाएँ जैसे विद्युत धारा, परिपथ, और चुंबकत्व आधुनिक जीवन और तकनीकी विकास के मूल आधार हैं। विद्युत ऊर्जा के सही उपयोग और संरक्षण से हम अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को प्रभावी रूप से पूरा कर सकते हैं।

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