राष्ट्रपति
1. राष्ट्रपति का परिचय:
- राष्ट्रपति भारतीय गणराज्य के संवैधानिक प्रमुख और कार्यपालिका के प्रमुख हैं।
- भारतीय संविधान के भाग 5 (अनुच्छेद 52 से 62) में राष्ट्रपति से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
- राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च सेनापति (Supreme Commander) भी हैं।
2. राष्ट्रपति का निर्वाचन (Election of President):
राष्ट्रपति का चुनाव आम जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नहीं, बल्कि निर्वाचक मंडल (Electoral College) के माध्यम से किया जाता है।
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निर्वाचक मंडल का गठन (Electoral College):
- निर्वाचक मंडल में निम्नलिखित शामिल होते हैं:
- लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य।
- सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों (दिल्ली और पुडुचेरी) की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।
- निर्वाचक मंडल में निम्नलिखित शामिल होते हैं:
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चुनाव की प्रक्रिया:
- अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation):
- यह एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) की प्रणाली पर आधारित है।
- मतों का मूल्य:
- प्रत्येक विधायक और सांसद का वोट का मूल्य होता है, जो उनकी प्रतिनिधित्व क्षमता को दर्शाता है।
- निर्वाचन अधिकारी:
- राष्ट्रपति का चुनाव मुख्य निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में होता है।
- अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation):
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योग्यता (अनुच्छेद 58):
- राष्ट्रपति बनने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए:
- भारतीय नागरिक होना।
- कम से कम 35 वर्ष की आयु।
- लोकसभा का सदस्य बनने के योग्य।
- लाभ के किसी पद पर न होना।
- राष्ट्रपति बनने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए:
3. राष्ट्रपति का कार्यकाल (Tenure of President):
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कार्यकाल की अवधि (अनुच्छेद 56):
- राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है।
- वह पुनः निर्वाचित हो सकते हैं।
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पद से हटाने की प्रक्रिया (Impeachment):
- राष्ट्रपति को संविधान का उल्लंघन करने पर पद से हटाया जा सकता है।
- अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग की प्रक्रिया संसद द्वारा चलाई जाती है।
4. राष्ट्रपति की शक्तियाँ:
राष्ट्रपति को कार्यकारी, विधायी, न्यायिक, और आपातकालीन शक्तियां प्राप्त हैं। उनकी शक्तियां निम्नलिखित हैं:
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कार्यकारी शक्तियां:
- राष्ट्रपति केंद्र सरकार के सभी कार्यों का प्रमुख होते हैं।
- सभी नियुक्तियां राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं:
- प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य।
- राज्यपाल।
- सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश।
- भारत के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च सेनापति।
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विधायी शक्तियां:
- संसद का सत्र बुलाने, स्थगित करने और भंग करने का अधिकार।
- संसद द्वारा पारित विधेयकों पर स्वीकृति।
- संवैधानिक संशोधन और अन्य विधेयकों पर हस्ताक्षर।
- लोकसभा के भंग होने पर अध्यादेश जारी करना (अनुच्छेद 123)।
5. राष्ट्रपति की भूमिका आपातकाल में (Emergency Role):
राष्ट्रपति आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं:
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राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352):
- जब देश की सुरक्षा को बाहरी आक्रमण या आंतरिक विद्रोह से खतरा हो।
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राज्य आपातकाल (अनुच्छेद 356):
- जब किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाए।
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वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360):
- जब देश की वित्तीय स्थिरता को खतरा हो।
6. राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां:
राष्ट्रपति को विधायी मामलों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं:
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संसद से संबंधित शक्तियां:
- सत्र बुलाना और स्थगित करना:
- राष्ट्रपति संसद का सत्र बुला सकते हैं और आवश्यकतानुसार स्थगित कर सकते हैं।
- संसद को भंग करना:
- लोकसभा को भंग करने का अधिकार।
- सत्र बुलाना और स्थगित करना:
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विधेयकों पर स्वीकृति:
- संसद द्वारा पारित विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना कानून नहीं बन सकता।
- राष्ट्रपति के विकल्प:
- विधेयक को स्वीकृति देना।
- पुनर्विचार के लिए विधेयक को संसद को वापस भेजना।
- (यदि पुनः पारित होता है, तो राष्ट्रपति को इसे स्वीकार करना होता है)।
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धन विधेयक (Money Bill):
- धन विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति अनिवार्य है।
- धन विधेयक पर राष्ट्रपति इसे रोक नहीं सकते।
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अध्यादेश जारी करना (Ordinance):
- अनुच्छेद 123:
- जब संसद का सत्र नहीं चल रहा हो, तो राष्ट्रपति अध्यादेश जारी कर सकते हैं।
- अध्यादेश का प्रभाव संसद के अगले सत्र के समाप्त होने तक रहता है।
- अनुच्छेद 123:
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विशेष पता:
- राष्ट्रपति संसद के सत्र की शुरुआत और नए लोकसभा के गठन पर विशेष संबोधन करते हैं।
7. राष्ट्रपति की न्यायिक शक्तियां:
राष्ट्रपति को न्यायपालिका से संबंधित कई शक्तियां प्राप्त हैं:
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क्षमा करने का अधिकार (Power of Pardon):
- अनुच्छेद 72: राष्ट्रपति को विशेष दया याचिका पर निर्णय लेने का अधिकार है।
- वह निम्नलिखित दंडों को माफ कर सकते हैं:
- क्षमा (Pardon): पूरी सजा माफ करना।
- रियायत (Remission): सजा की अवधि कम करना।
- विलंबन (Respite): सजा में देरी करना।
- स्थानांतरण (Commute): सजा को कम गंभीर सजा में बदलना।
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मृत्युदंड पर पुनर्विचार:
- राष्ट्रपति मृत्युदंड को माफ या कम कर सकते हैं।
8. राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियां:
राष्ट्रपति को आपातकालीन स्थितियों में विशेष अधिकार दिए गए हैं:
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राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) - अनुच्छेद 352:
- बाहरी आक्रमण, युद्ध, या आंतरिक विद्रोह की स्थिति में लागू।
- संसद और राज्य सरकार की शक्तियां राष्ट्रपति को स्थानांतरित हो जाती हैं।
- मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 19) को निलंबित किया जा सकता है।
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राज्य आपातकाल (President’s Rule) - अनुच्छेद 356:
- यदि राज्य सरकार संविधान के अनुसार कार्य करने में असमर्थ हो।
- राज्य की विधायिका और कार्यपालिका का नियंत्रण राष्ट्रपति के अधीन आ जाता है।
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वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency) - अनुच्छेद 360:
- देश की आर्थिक स्थिरता को खतरा होने पर लागू।
- संसद और राज्य सरकार के वित्तीय अधिकार राष्ट्रपति के अधीन हो जाते हैं।
9. राष्ट्रपति के विशेषाधिकार:
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विदेश मामलों में भूमिका:
- राष्ट्रपति भारत के विदेशी संबंधों का प्रमुख होते हैं।
- वह अंतरराष्ट्रीय समझौतों और संधियों पर हस्ताक्षर करते हैं।
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सशस्त्र बलों का नेतृत्व:
- राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च सेनापति हैं।
- युद्ध और शांति के मामलों में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार।
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नामांकन का अधिकार:
- राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 सदस्यों और लोकसभा में 2 एंग्लो-इंडियन सदस्यों को नामांकित कर सकते हैं (102वें संविधान संशोधन के बाद एंग्लो-इंडियन नामांकन समाप्त कर दिया गया)।
10. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संबंध:
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प्रधानमंत्री की नियुक्ति:
- राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को नियुक्त करते हैं।
- लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता आमतौर पर प्रधानमंत्री होता है।
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मंत्रिपरिषद की सलाह:
- राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं।
- अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह का पालन करना अनिवार्य है।