Foundations of Physical Education
Physical Education Paper 1, Lucknow University (Hindi Notes)
इस पाठ्यक्रम में छात्र शारीरिक शिक्षा के विभिन्न पहलुओं को समझेंगे और उसे समाज में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में देखेंगे। Introduction में शारीरिक शिक्षा की परिभाषा, उद्देश्य और महत्व के साथ-साथ आधुनिक युग में इसकी आवश्यकता और दायरे पर चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, शारीरिक शिक्षा से संबंधित सामान्य भ्रांतियों को भी स्पष्ट किया जाएगा। UNIT-II में शारीरिक शिक्षा के दार्शनिक आधारों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें आदर्शवाद, प्रगमति विचारधारा, प्राकृतिकवाद और अस्तित्ववाद के दृष्टिकोण से शारीरिक शिक्षा का अध्ययन किया जाएगा। UNIT-III में शारीरिक शिक्षा के जैविक आधारों को समझने के लिए विकास और वृद्धि के बीच अंतर, शारीरिक गतिविधियों और खेलों में आयु और लिंग के प्रभाव, और विभिन्न प्रकार की आयु (कालक्रमिक, शारीरिक और शारीरिक) के संदर्भ में शारीरिक गतिविधियों का विश्लेषण किया जाएगा। UNIT-IV में समाजशास्त्र और खेल समाजशास्त्र का परिचय दिया जाएगा, साथ ही शारीरिक शिक्षा और खेलों को समाज की आवश्यकता के रूप में समझाया जाएगा। यह इकाई शारीरिक गतिविधियों और खेलों को मानव की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रस्तुत करती है।
Chapters & Reading Units (4)
Click any chapter to start readingUnit I
शारीरिक शिक्षा: शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की एक समग्र प्रक्रिया
Unit II
शारीरिक शिक्षा के दार्शनिक आधार: आदर्शवाद, प्रगमेटिज़्म, नेचुरलिज़्म और अस्तित्ववाद का विश्लेषण
Unit III
शारीरिक विकास और खेलों में आयु और लिंग के प्रभाव: समझ और अनुप्रयोग
Unit IV
शारीरिक गतिविधियाँ और खेल: मानव सभ्यता की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक विकास का प्रतिबिंब