Development Psychology - I (A)
Psychology Paper 1 (SEM 3), Lucknow University (Hindi Notes)
यह पाठ्यक्रम मानव विकास और शिक्षा के मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोणों को समझने के लिए तैयार किया गया है। इसमें विकास की अवधारणा, सिद्धांत, और जैविक, सामाजिक तथा पर्यावरणीय निर्धारकों का विश्लेषण किया गया है। पाठ्यक्रम में विकास के विभिन्न चरणों जैसे गर्भकालीन विकास, शैशवावस्था, बचपन और किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, और नैतिक परिवर्तनों का अध्ययन शामिल है। यह पाठ्यक्रम फ्रायड, एरिक्सन, पियाजे, और कोहलबर्ग जैसे प्रमुख मनोवैज्ञानिकों के विकासात्मक दृष्टिकोणों को भी कवर करता है। साथ ही, किशोरावस्था में व्यक्तित्व परिवर्तन, आत्म-सम्मान, और पहचान संकट जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा करता है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य शिक्षार्थियों को मानव विकास के गहन पहलुओं को समझने में सक्षम बनाना है।
Chapters & Reading Units (4)
Click any chapter to start readingUnit - 1
व्यक्ति के जीवन में विकास की प्रक्रियाओं, सिद्धांतों और दृष्टिकोणों की गहन समझ।
Unit - 2
जीवन की शुरुआत: गर्भकालीन विकास की प्रक्रियाएँ, चरण और प्रभावकारी कारक।
Unit - 3
बाल्यावस्था में शारीरिक, मानसिक, नैतिक और सामाजिक विकास की गहन प्रक्रिया।
Unit - 4
किशोरावस्था में विकास: शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक परिवर्तनों की प्रक्रिया