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Computer (SSC, Railway, Police & All State exam)Chapter Unit

कंप्यूटर: कार्य तथा अवयव

कंप्यूटर का परिचय

  • कंप्यूटर (Computer): यह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसे डाटा प्रोसेसिंग और जानकारी संग्रहीत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • कंप्यूटर का अर्थ: "कंप्यूटर" शब्द लैटिन शब्द "Computare" से लिया गया है, जिसका अर्थ है "गणना करना।"
  • मुख्य विशेषताएँ:
    • गति (Speed): कंप्यूटर किसी भी कार्य को बहुत तेजी से करता है।
    • शुद्धता (Accuracy): कंप्यूटर त्रुटिरहित परिणाम देता है।
    • स्वचालन (Automation): एक बार प्रोग्रामिंग हो जाने के बाद, यह स्वचालित रूप से कार्य करता है।
    • स्टोरेज (Storage): बड़ी मात्रा में डेटा को संग्रहीत कर सकता है।
    • बहुउपयोगिता (Versatility): यह गणना के साथ-साथ डेटा प्रबंधन, ग्राफिक्स, और इंटरनेट एक्सेस जैसे कार्य करता है।

कंप्यूटर के कार्य (Functions of Computer)

कंप्यूटर का कार्य मुख्यतः तीन चरणों में होता है:

  1. इनपुट (Input):
    • कंप्यूटर को डाटा या निर्देश इनपुट उपकरणों (जैसे कीबोर्ड, माउस) के माध्यम से प्राप्त होते हैं।
  2. प्रोसेसिंग (Processing):
    • प्रोसेसिंग का कार्य सीपीयू (CPU) द्वारा किया जाता है, जो कंप्यूटर का मुख्य भाग है।
  3. आउटपुट (Output):
    • प्रोसेसिंग के परिणाम को आउटपुट उपकरण (जैसे मॉनिटर, प्रिंटर) के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।

कंप्यूटर के मुख्य अवयव

कंप्यूटर के अवयवों को मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है:

  1. हार्डवेयर (Hardware):
    • ये कंप्यूटर के भौतिक घटक होते हैं, जैसे:
      • कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, सीपीयू, हार्ड डिस्क।
  2. सॉफ्टवेयर (Software):
    • ये प्रोग्राम और निर्देशों का समूह होता है, जो हार्डवेयर को नियंत्रित करता है।

कंप्यूटर का कार्य सिद्धांत (Working Principle of Computer)

  • कंप्यूटर मुख्यतः IPO साइकिल (Input-Process-Output) पर कार्य करता है:
    • इनपुट: उपयोगकर्ता डाटा या निर्देश इनपुट करता है।
    • प्रोसेसिंग: डाटा को उपयोगी जानकारी में परिवर्तित किया जाता है।
    • आउटपुट: उपयोगी जानकारी को आउटपुट के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

कंप्यूटर के अवयव (Components of Computer)

कंप्यूटर मुख्य रूप से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से मिलकर बना होता है। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के कुछ प्रमुख उपविभाग निम्नलिखित हैं:


1. हार्डवेयर (Hardware)

(A) इनपुट डिवाइस (Input Devices)

  • इन उपकरणों के माध्यम से कंप्यूटर में डाटा और निर्देश दिए जाते हैं।
  • प्रमुख इनपुट उपकरण:
    • कीबोर्ड (Keyboard): टेक्स्ट और कमांड इनपुट के लिए।
    • माउस (Mouse): प्वाइंटर और क्लिक ऑपरेशन के लिए।
    • स्कैनर (Scanner): दस्तावेज़ों को डिजिटली इनपुट करने के लिए।
    • माइक्रोफोन (Microphone): ध्वनि (Sound) इनपुट के लिए।
    • वेब कैमरा (Web Camera): चित्र और वीडियो इनपुट के लिए।

(B) प्रोसेसिंग डिवाइस (Processing Device)

  • प्रोसेसिंग डिवाइस कंप्यूटर का "मस्तिष्क" होता है, जिसे सीपीयू (CPU) कहा जाता है।
  • सीपीयू (Central Processing Unit):
    • यह तीन भागों में विभाजित होता है:
      1. एएलयू (Arithmetic Logic Unit): गणनात्मक और तार्किक कार्य करता है।
      2. कंट्रोल यूनिट (Control Unit): सभी कार्यों को नियंत्रित और समन्वित करता है।
      3. मेमोरी यूनिट (Memory Unit): डाटा और निर्देशों को अस्थायी रूप से संग्रहीत करता है।

(C) आउटपुट डिवाइस (Output Devices)

  • आउटपुट डिवाइस का उपयोग प्रोसेसिंग के परिणाम को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।
  • प्रमुख आउटपुट उपकरण:
    • मॉनिटर (Monitor): विजुअल आउटपुट के लिए।
    • प्रिंटर (Printer): हार्ड कॉपी निकालने के लिए।
    • स्पीकर (Speaker): ऑडियो आउटपुट के लिए।
    • प्रोजेक्टर (Projector): बड़े स्क्रीन पर जानकारी प्रदर्शित करने के लिए।

2. सॉफ्टवेयर (Software)

(A) सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)

  • यह कंप्यूटर हार्डवेयर और उपयोगकर्ता के बीच मध्यस्थता करता है।
  • प्रमुख उदाहरण:
    • ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System): जैसे, विंडोज, लिनक्स, मैकओएस।
    • यूटिलिटी प्रोग्राम (Utility Program): जैसे, एंटीवायरस, फाइल मैनेजमेंट।

(B) एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)

  • यह विशेष कार्यों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • उदाहरण:
    • एमएस ऑफिस (MS Office): डॉक्यूमेंट, प्रेजेंटेशन और डेटा एनालिसिस के लिए।
    • ब्राउज़र (Browser): इंटरनेट उपयोग के लिए।

(C) प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर (Programming Software)

  • यह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के माध्यम से नए सॉफ्टवेयर विकसित करने में मदद करता है।
  • उदाहरण: जावा, पायथन, सी++।

कंप्यूटर की स्मृति (Memory)

कंप्यूटर में डाटा और निर्देश संग्रहीत करने के लिए स्मृति का उपयोग होता है। इसे मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है:

  1. प्राथमिक स्मृति (Primary Memory):
    • इसे मुख्य स्मृति भी कहते हैं।
    • दो प्रकार की होती है:
      • रैम (RAM): अस्थायी स्मृति।
      • रोम (ROM): स्थायी स्मृति।
  2. द्वितीयक स्मृति (Secondary Memory):
    • डेटा स्थायी रूप से संग्रहीत होता है।
    • उदाहरण: हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सीडी/डीवीडी।

कंप्यूटर: कार्य तथा अवयव (भाग 3)

कंप्यूटर के प्रकार (Types of Computers)

कंप्यूटर को उनके कार्य, आकार, क्षमता और उपयोग के आधार पर विभाजित किया गया है। प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:


1. आकार और क्षमता के आधार पर

(A) सुपर कंप्यूटर (Supercomputer)

  • दुनिया के सबसे तेज और शक्तिशाली कंप्यूटर।
  • उपयोग:
    • जटिल वैज्ञानिक गणनाएँ।
    • मौसम पूर्वानुमान।
    • परमाणु अनुसंधान।
  • उदाहरण: परम (भारत का सुपर कंप्यूटर)।

(B) मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer)

  • बड़े संस्थानों में डेटा प्रोसेसिंग और संग्रहण के लिए उपयोग।
  • उपयोग:
    • बैंकिंग और वित्तीय संस्थान।
    • एयरलाइन और रेलवे रिजर्वेशन।
  • उदाहरण: आईबीएम Z सीरीज।

(C) मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)

  • मीडियम साइज के कार्यों के लिए उपयोग।
  • उपयोग:
    • छोटे व्यवसाय और संस्थान।
  • यह मेनफ्रेम और माइक्रो कंप्यूटर के बीच की श्रेणी का होता है।

(D) माइक्रो कंप्यूटर (Microcomputer)

  • व्यक्तिगत उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया।
  • उदाहरण: लैपटॉप, डेस्कटॉप, टैबलेट।

2. उपयोग के आधार पर

(A) एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)

  • भौतिक मात्राओं (जैसे तापमान, दबाव) को मापने के लिए उपयोग।
  • उदाहरण: वैज्ञानिक अनुसंधान में उपयोग।

(B) डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer)

  • गणना और तार्किक संचालन के लिए उपयोग।
  • उदाहरण: पर्सनल कंप्यूटर।

(C) हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer)

  • एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर का संयोजन।
  • उदाहरण: अस्पतालों में उपयोग किए जाने वाले कंप्यूटर।

कंप्यूटर की पीढ़ियाँ (Generations of Computers)

कंप्यूटर विकास के आधार पर निम्नलिखित पीढ़ियाँ हैं:

1. प्रथम पीढ़ी (First Generation):

  • समय: 1940-1956।
  • तकनीक: वैक्यूम ट्यूब।
  • विशेषताएँ:
    • आकार बड़ा और गति धीमी।
    • बहुत अधिक बिजली की खपत।
  • उदाहरण: ENIAC, UNIVAC।

2. द्वितीय पीढ़ी (Second Generation):

  • समय: 1956-1963।
  • तकनीक: ट्रांजिस्टर।
  • विशेषताएँ:
    • छोटे आकार और तेज गति।
    • कम बिजली की खपत।
  • उदाहरण: IBM 1401।

3. तृतीय पीढ़ी (Third Generation):

  • समय: 1964-1971।
  • तकनीक: इंटीग्रेटेड सर्किट (IC)।
  • विशेषताएँ:
    • बेहतर स्टोरेज क्षमता।
    • मल्टीटास्किंग।
  • उदाहरण: IBM 360।

4. चौथी पीढ़ी (Fourth Generation):

  • समय: 1971-1980।
  • तकनीक: माइक्रोप्रोसेसर।
  • विशेषताएँ:
    • व्यक्तिगत कंप्यूटर का विकास।
    • बेहतर उपयोगकर्ता इंटरफेस।
  • उदाहरण: एप्पल I, IBM PC।

5. पंचम पीढ़ी (Fifth Generation):

  • समय: 1980 के बाद।
  • तकनीक: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)।
  • विशेषताएँ:
    • सुपरकंप्यूटर और रोबोटिक्स का विकास।
    • मशीन लर्निंग और प्राकृतिक भाषा प्रोसेसिंग।

कंप्यूटर की सीमाएँ (Limitations of Computer)

  • निर्णय लेने की क्षमता नहीं: कंप्यूटर केवल प्रोग्राम किए गए निर्देशों का पालन करता है।
  • रचनात्मकता की कमी: यह नए विचार या समाधान नहीं उत्पन्न कर सकता।
  • भावनाएँ नहीं होती: यह केवल तार्किक कार्य करता है।
  • हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर निर्भरता: कंप्यूटर की कार्यक्षमता इसके घटकों पर निर्भर करती है।

कंप्यूटर का महत्व (Importance of Computer)

  • शिक्षा में: ऑनलाइन लर्निंग, ई-पुस्तकें।
  • स्वास्थ्य में: रोग निदान, चिकित्सा अनुसंधान।
  • व्यवसाय में: डेटा प्रबंधन, ऑनलाइन लेनदेन।
  • सरकारी कार्यों में: ई-गवर्नेंस, डिजिटल रिकॉर्ड्स।

कंप्यूटर के प्रकार (Types of Computers)

कंप्यूटर को उनके कार्य, आकार, क्षमता और उपयोग के आधार पर विभाजित किया गया है। प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:


1. आकार और क्षमता के आधार पर

(A) सुपर कंप्यूटर (Supercomputer)

  • दुनिया के सबसे तेज और शक्तिशाली कंप्यूटर।
  • उपयोग:
    • जटिल वैज्ञानिक गणनाएँ।
    • मौसम पूर्वानुमान।
    • परमाणु अनुसंधान।
  • उदाहरण: परम (भारत का सुपर कंप्यूटर)।

(B) मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer)

  • बड़े संस्थानों में डेटा प्रोसेसिंग और संग्रहण के लिए उपयोग।
  • उपयोग:
    • बैंकिंग और वित्तीय संस्थान।
    • एयरलाइन और रेलवे रिजर्वेशन।
  • उदाहरण: आईबीएम Z सीरीज।

(C) मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)

  • मीडियम साइज के कार्यों के लिए उपयोग।
  • उपयोग:
    • छोटे व्यवसाय और संस्थान।
  • यह मेनफ्रेम और माइक्रो कंप्यूटर के बीच की श्रेणी का होता है।

(D) माइक्रो कंप्यूटर (Microcomputer)

  • व्यक्तिगत उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया।
  • उदाहरण: लैपटॉप, डेस्कटॉप, टैबलेट।

2. उपयोग के आधार पर

(A) एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)

  • भौतिक मात्राओं (जैसे तापमान, दबाव) को मापने के लिए उपयोग।
  • उदाहरण: वैज्ञानिक अनुसंधान में उपयोग।

(B) डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer)

  • गणना और तार्किक संचालन के लिए उपयोग।
  • उदाहरण: पर्सनल कंप्यूटर।

(C) हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer)

  • एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर का संयोजन।
  • उदाहरण: अस्पतालों में उपयोग किए जाने वाले कंप्यूटर।

कंप्यूटर की पीढ़ियाँ (Generations of Computers)

कंप्यूटर विकास के आधार पर निम्नलिखित पीढ़ियाँ हैं:

1. प्रथम पीढ़ी (First Generation):

  • समय: 1940-1956।
  • तकनीक: वैक्यूम ट्यूब।
  • विशेषताएँ:
    • आकार बड़ा और गति धीमी।
    • बहुत अधिक बिजली की खपत।
  • उदाहरण: ENIAC, UNIVAC।

2. द्वितीय पीढ़ी (Second Generation):

  • समय: 1956-1963।
  • तकनीक: ट्रांजिस्टर।
  • विशेषताएँ:
    • छोटे आकार और तेज गति।
    • कम बिजली की खपत।
  • उदाहरण: IBM 1401।

3. तृतीय पीढ़ी (Third Generation):

  • समय: 1964-1971।
  • तकनीक: इंटीग्रेटेड सर्किट (IC)।
  • विशेषताएँ:
    • बेहतर स्टोरेज क्षमता।
    • मल्टीटास्किंग।
  • उदाहरण: IBM 360।

4. चौथी पीढ़ी (Fourth Generation):

  • समय: 1971-1980।
  • तकनीक: माइक्रोप्रोसेसर।
  • विशेषताएँ:
    • व्यक्तिगत कंप्यूटर का विकास।
    • बेहतर उपयोगकर्ता इंटरफेस।
  • उदाहरण: एप्पल I, IBM PC।

5. पंचम पीढ़ी (Fifth Generation):

  • समय: 1980 के बाद।
  • तकनीक: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)।
  • विशेषताएँ:
    • सुपरकंप्यूटर और रोबोटिक्स का विकास।
    • मशीन लर्निंग और प्राकृतिक भाषा प्रोसेसिंग।

कंप्यूटर की सीमाएँ (Limitations of Computer)

  • निर्णय लेने की क्षमता नहीं: कंप्यूटर केवल प्रोग्राम किए गए निर्देशों का पालन करता है।
  • रचनात्मकता की कमी: यह नए विचार या समाधान नहीं उत्पन्न कर सकता।
  • भावनाएँ नहीं होती: यह केवल तार्किक कार्य करता है।
  • हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर निर्भरता: कंप्यूटर की कार्यक्षमता इसके घटकों पर निर्भर करती है।

कंप्यूटर का महत्व (Importance of Computer)

  • शिक्षा में: ऑनलाइन लर्निंग, ई-पुस्तकें।
  • स्वास्थ्य में: रोग निदान, चिकित्सा अनुसंधान।
  • व्यवसाय में: डेटा प्रबंधन, ऑनलाइन लेनदेन।
  • सरकारी कार्यों में: ई-गवर्नेंस, डिजिटल रिकॉर्ड्स।

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